
BREAKING NEWS: प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की विकृत प्रतिमाओं पर रोक, दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही एवं आपत्तिजनक प्रतिमाओं के तत्काल विसर्जन की माँग।शहर के विभिन्न गणेशोत्सव पंडालों में भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमाओं को विकृत स्वरूप में स्थापित किए जाने को लेकर सनातन हिन्दू समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इन प्रतिमाओं को हास्यजनक और अपमानजनक स्वरूप में प्रस्तुत कर, हमारे आराध्य देव के मूल स्वरूप का अनादर किया गया है, जिससे सम्पूर्ण हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं।
आज दोपहर 12 बजे समस्त हिन्दू संगठनों एवं सनातन समाज के प्रतिनिधियों ने SP महोदय से भेंट कर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने निम्नलिखित माँगें रखीं:
प्रमुख माँगें:
• आपत्तिजनक एवं विकृत गणेश प्रतिमाओं का तत्काल विसर्जन किया जाए।
• ऐसी प्रतिमाओं को स्थापित करने वाली समितियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की जाए।
• इन प्रतिमाओं का निर्माण करने वाले मूर्तिकारों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
• भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया जाए।
हिन्दू समाज का मत:
प्रतिनिधियों ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि यह न केवल धार्मिक अपमान है, बल्कि हिन्दू संस्कृति और परंपराओं पर सुनियोजित आघात का हिस्सा प्रतीत होता है। इस प्रकार की विकृत मूर्तियाँ हमारे बच्चों और युवाओं के मन में हमारे आराध्य देवों के प्रति श्रद्धा और आस्था को कमज़ोर करती हैं।
हिन्दू संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि यह विधर्मियों द्वारा रची गई एक गहरी साज़िश है, जिसमें हिन्दू समितियों को मोहरा बनाकर सनातन परंपरा का अपमान करवाया जा रहा है।
SP महोदय का आश्वासन:
ज्ञापन प्राप्त करने के पश्चात SP महोदय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस विषय को गंभीरता से लिया जाएगा। आपत्तिजनक प्रतिमाओं की जाँच की जाएगी, दोषियों के विरुद्ध उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी एवं धार्मिक भावनाओं के संरक्षण हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

