
रायपुर ( न्यूज 82 एक्सप्रेस) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) रायपुर महानगर के प्रतिनिधि मंडल ने आज पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति से भेंट कर विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों में व्याप्त गंभीर समस्याओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा तथा शीघ्र, ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधि मंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि छात्रावासों में दूषित पेयजल, स्वच्छता की घोर कमी, मेस के भोजन की निम्न गुणवत्ता, नियमित चिकित्सा सुविधाओं का अभाव तथा प्रशासनिक लापरवाही के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। हाल ही में दूषित पानी के सेवन से कई छात्राओं के बीमार पड़ने की घटनाएँ प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाती हैं।
परिषद द्वारा ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि सभी छात्रावासों एवं विश्वविद्यालय परिसर में निःशुल्क और सुचारु वाई-फाई सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा छात्र-छात्राओं को शासकीय छात्रवृत्ति और छात्रावास संबंधी योजनाओं से वंचित न रखा जाए। शौचालयों और सामूहिक स्थलों की नियमित एवं वैज्ञानिक सफाई व्यवस्था लागू करने, छात्राओं के लिए निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरण एवं सभी छात्रावासों में सेनेटरी वेंडिंग मशीन स्थापित करने की मांग उठाई गई।
इसके साथ ही पेयजल की नियमित गुणवत्ता जांच, वॉटर फिल्टर की समय-समय पर सफाई एवं आवश्यकतानुसार नए फिल्टर लगाने, मेस की स्वच्छता एवं भोजन की गुणवत्ता में सुधार, छात्रावास कर्मचारियों में अनुशासन सुनिश्चित करने तथा वार्डन द्वारा छात्राओं से संवेदनशील एवं शालीन व्यवहार की व्यवस्था करने की मांग की गई। पंडित जी प्रोफेशनल गर्ल्स हॉस्टल की जर्जर इमारत की शीघ्र मरम्मत, पीलिया से पीड़ित छात्राओं के उपचार एवं दवा व्यय का वहन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा करने, छात्रावासों में नियमित निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास के समीप स्थित बायोगैस प्लांट से उत्पन्न दुर्गंध के स्थायी समाधान हेतु प्रभावी कदम उठाने की भी मांग रखी गई।
इस अवसर पर ABVP रायपुर महानगर की सह मंत्री हर्षित कौर ने कहा कि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। यदि छात्रावासों में स्वच्छ जल, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराई जातीं तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद छात्रहित में चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



