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ई-केवाईसी की समय सीमा बढ़ाये सरकार -आम आदमी पार्टी…

34 लाख कार्डधारी राशन पात्रता से वंचित

BREAKING NEWS : आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा राशन कार्ड धारी को ईकेवाईसी करवाने की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई जिस कारण राज्य के लगभग 34 लाख राशन कार्डधारियों को अब राशन नहीं मिल पाएगा। प्रदेश के 34 लाख से ज्यादा लोगों का राशन कार्ड अब ऑनलाइन सिस्टम में ऑटोमेटिक ब्लॉक हो गया है, क्योंकि केंद्र सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों के कार्ड सदस्यों को ऑनलाइन ई-केवाईसी कराने के लिए 30 जून तक अंतिम समय दिया था। अब तक इसको आगे बढ़ाने संबंधित कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है।जिससे लाखों सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ई-केवाईसी की समय सीमा सरकार को बढ़ानी चाहिए ताकि जिन्हें अपात्र किया गया है वे अपना सत्यापन करवा सकें।

प्रदेश महासचिव (सोशल मीडिया, मीडिया प्रभारी), मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में 81 लाख 63 हजार 666 राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें पंजीकृत सदस्यों की संख्या 2 करोड़ 73 लाख 61 हजार 287 है। अब केवाईसी नहीं कराने वाले लोगों को अपात्र मान लिया जाएगा। इस तरह उनका नाम भी ऑनलाइन सिस्टम में ब्लॉक कर दिया जाएगा। डिजिटल सत्यापन के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से डिजिटल सत्यापन किया जाना था। इस प्रणाली के माध्यम से यह तय किया जाता है कि लाभार्थी वास्तविक, जीवित है या फिर पात्र है कि नहीं। इसके जरिए फर्जी, मृत और दोहरे राशन कार्ड धारकों की पहचान कर उन्हें सूची से बाहर किया जा सकता है।

प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने कहा कि 34 लाख लोगों का जो सत्यापन नहीं हो पाया उसके लिए यह सरकार जिम्मेदार है।मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का ढ़ोल पीटने वाली राज्य सरकार ने ई-केवाईसी के लिए घर पहुँच सेवा क्यों उपलब्ध नहीं कराई जबकि सरकार को पता है कि आम ग्राम वासी अपने रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्त रहतें हैं और ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में आज भी ऑनलाइन ई-केवाईसी कि सुविधा नहीं है और ना ही आम जान इतना जानकर है कि वो अपने मोबाइल से स्वयं सत्यापन कर ले। इसमे पूरी तरह सरकार की उदासीनता है जिसका परिणाम आज प्रदेश की आम जनता भुगत रही है।

प्रदेश संगठन महामंत्री जसबीर सिंग ने कहा कि राजधानी रायपुर से लगे अनेक जगहों पर नान गोदामों से राशन दुकानों तक चावल की सप्लाई नहीं होने की वजह से कुछ दिनों से सैकड़ों से ज्यादा राशन दुकानों में ताला लगा हुआ है। रायपुर में ही कुल 4 एजेंसियों को गोदामों से राशन पहुंचाने का काम मिला हुआ है। पर्याप्त गाड़ियां नहीं होने की वजह से लगातार शिकायतें आ रहीं हैं। शासकीय उचित मूल्य दुकान गोदामों में अनाज, दुकानों तक नहीं पहुंचा पा रहे। नान गोदामों में अगर पहले से ही पर्याप्त भंडार था तो जब तीन माह का चावल एक साथ देने का आदेश हुआ तब चावल पहुँचाने तैयारियां क्यों नहीं की गयीं। क्योकि गोदामों से राशन दुकानों तक चावल की सप्लाई नहीं होना दुकानें बंद होने की मुख्य वजह बताई जा रही है। इसके बावजूद एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। सरकार ने चावल सप्लाई का काम एक ही एजेंसी को वर्षों से दिया हुआ है। निश्चित ही इसमें अधिकारियों की मिलीभगत लग रही है, शासन की ऐसे अधिकारियों पर कार्यवाही करना चाहिए।

प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य कांकेर, देवलाल नरेटी ने कहा कि सरकार ने ‑POS उपकरणों, मोबाइल एप्प आदि माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में e‑KYC अभियान क्यों नहीं चलाया,आम जनता तक समय पर जानकारी नहीं पहुंचाई गयी,ना‑पहुँच वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान क्यों नहीं आयोजित किया गया, समय रहते सर्वे, ऑन-साइट व मोबाइल सहायता क्यों नहीं दी गयी |

प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने इन क़दमों को पर्याप्त रूप से नहीं उठाया जिस कारण लाखों लोग अपात्र रह गए और जिन्हें सरकारी राशन जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित होना पड़ा।

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