EXCLUSIVE : एचआईवी मरीज की पहचान उजागर होने पर हाईकोर्ट सख्त, छत्तीसगढ़ सरकार से मांगा जवाब..

[ छत्तीसगढ़ ] : छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में एक एचआईवी संक्रमित महिला की पहचान सार्वजनिक किए जाने का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते मरीज की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक हो गई, जिससे उसके परिवार को सामाजिक असहजता और भेदभाव का सामना करना पड़ा।
मामले के प्रकाश में आने के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे शपथ पत्र के माध्यम से यह बताएं कि मरीज की गोपनीयता से जुड़ी जानकारी कैसे लीक हुई और इस संबंध में जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान उजागर करना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह मानव अधिकारों का उल्लंघन भी है। अदालत ने सरकार को स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की निजता की रक्षा के लिए ठोस दिशानिर्देश लागू करने के आदेश दिए हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई है, जो संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल करेगी।
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में गोपनीयता और संवेदनशीलता की कमी पर भी सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं एचआईवी मरीजों के प्रति समाज में पहले से मौजूद भय और भेदभाव को और बढ़ा सकती हैं।



