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BREAKING NEWS : संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ सरकार हर संभव प्रयास करेंगी :विष्णुदेव साय…

संस्कृत भाषा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

BREAKING :  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरयूपारीण ब्राह्मण सभा को आवंटित भूमि के भूभाटक (लीज़ रेंट) में छूट देने की प्रक्रिया पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।

कार्यक्रम का आयोजन सरयूपारीण ब्राह्मण सभा एवं संस्कृति भारती द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर समाज की विशिष्ट उपलब्धियों के लिए तीन विभूतियों का सम्मान भी किया गया। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला एम.डी. रिमेटोलॉजिस्ट डॉ. अश्लेषा शुक्ला दुबे, जो छत्तीसगढ़ी, मराठी, उड़िया, हिंदी और अंग्रेज़ी – पांच भाषाओं की ज्ञाता हैं, को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि उनके योगदान से संयुक्त रोगों से ग्रसित मरीजों को राज्य में ही विशेषज्ञ सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

सम्मेलन में प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला को विश्वविद्यालय में NAAC द्वारा A+ रैंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। इसके अलावा 11 वर्षीय बाल तैराक अंकित द्विवेदी, जिन्होंने तैराकी में 7 स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया, उन्हें भी मंच पर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर दंडी स्वामी डॉ. इंदुभवानंद महाराज ने कहा कि संस्कृत आदि भाषा है, लेकिन वर्तमान समय में यह पिछड़ती जा रही है। उन्होंने इसके संरक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम में संस्कृत भारती के राष्ट्रीय मंत्री श्रीराम महादेव, पूर्व कुलपति डॉ. सतेंद्र सिंह सेंगर, कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. दादू भाई त्रिपाठी सहित कई विद्वानों ने संस्कृत भाषा की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।

समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला ने राज्य शासन से भूमि आवंटन में छूट देने की मांग दोहराई और भारी संख्या में पधारे विप्रजनों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ राजेश्री महंत रामसुंदर दास ने आचार्य पूज्यपाद श्री गोस्वामी तुलसीदास जी की पूजा के साथ किया। सम्मेलन के द्वितीय सत्र में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी अपने विचार रखे और कहा कि संस्कृत भाषा के संरक्षण के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे।

इस भव्य सम्मेलन में राजेंद्र शर्मा, राजेश त्रिपाठी, प्रमोद शर्मा, मित्रेश दुबे, अभय तिवारी, प्रवीण चौबे, संगमलाल त्रिपाठी, उमाकांत तिवारी, आर.एल. द्विवेदी, कैलाश तिवारी, बैजनाथ मिश्रा, चंद्रशेखर द्विवेदी, संजय मिश्रा, नागेंद्र तिवारी, शिवम त्रिपाठी, शुभम मिश्रा, अंकुश शुक्ला, राजेंद्र मिश्रा, अमित द्विवेदी, रामहृदय तिवारी एवं श्रीराममूरत तिवारी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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