CG KHABAR : छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय में पदस्थ जनसंपर्क संचालनालय अपर संचालक संजीव तिवारी पर किसका संरक्षण…
अमर सपूत संजीव तिवारी

BREAKING : छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार ने एक बार फिर प्रशासनिक जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में राज्य के अपर संचालक संजीव तिवारी को एक पत्रकार के साथ गला दबाने और हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि शासन की गरिमा और प्रशासनिक मर्यादा का भी खुला उल्लंघन है।
सूत्रों के अनुसार, इस घटना में पत्रकार अभय साह पर जानलेवा हमला किया गया। यह मामला किसी एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक चरित्र और चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता की परीक्षा बन गया है।
अत्यंत खेदजनक है कि सत्ता या पद का दुरुपयोग कर किसी पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया जाए। यह भूलना नहीं चाहिए कि संचालनालय की कुर्सी सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है, न कि अहंकार या शक्ति प्रदर्शन का माध्यम।
यदि शासन-प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर शीघ्र, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच नहीं करता, तो यह संदेश जाएगा कि शक्ति कानून से ऊपर है। यह न केवल पत्रकारिता, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी चिंताजनक संकेत होगा।



