
कसडोल । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) कसडोल इकाई ने शासकीय दौलतराम शर्मा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कसडोल में विद्यार्थियों से ₹800 जनभागीदारी शुल्क लिए जाने तथा शुल्क में की गई बढ़ोतरी का विरोध करते हुए जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने शुल्क वृद्धि को छात्र हितों के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने और शुल्क निर्धारण पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
अभाविप द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि महाविद्यालय में अध्ययनरत बड़ी संख्या में विद्यार्थी ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में जनभागीदारी शुल्क में की गई वृद्धि उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रही है। परिषद ने आशंका जताई कि बढ़े हुए शुल्क के कारण कई विद्यार्थियों को प्रवेश लेने तथा नियमित अध्ययन जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
परिषद ने मांग की कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए जनभागीदारी शुल्क को तत्काल कम किया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की शुल्क वृद्धि से पहले छात्र प्रतिनिधियों एवं अभिभावकों से चर्चा की जाए। अभाविप ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का मौलिक अधिकार है और आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
इस संबंध में अभाविप जिला संयोजक मलय साहू ने कहा कि परिषद सदैव छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर प्रयास करती रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि जनभागीदारी शुल्क में कमी नहीं की जाती है, तो अभाविप विद्यार्थियों के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन एवं जनभागीदारी समिति की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक मलय साहू, गौतम साहू, नवीन साहू, निखिल, अमित कुमार, केसरी नंदन निर्मलकर, नागेश, प्रमोद साहू, हिमांशु टंडन, ओम प्रकाश, रागिनी, समीर, नागेश दास सहित बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

