BIG BREAKING : रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपातकालीन कक्ष में एक भयावह और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें करीब 15-20 लोगों की भीड़ ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला कर दिया।
उपद्रवियों में , जिन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर न केवल महिला चिकित्सकों, प्रशिक्षु इंटर्न्स, नर्सों, वार्डबॉय व अन्य स्टाफ के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की, बल्कि अस्पताल परिसर में तैनात पुलिसकर्मी श्री नरेंद्र कुर्रे पर भी हमला किया गया।
इस दौरान चिकित्सकों को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई — “बाहर निकलोगे तो जान से मार देंगे” जैसी आपराधिक धमकियां दी गईं। यह हमला कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर और प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार से शुरू हुआ और पूरे इमरजेंसी स्टाफ पर फैल गया।
इस घटना ने चिकित्सा सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया और गंभीर मरीजों के उपचार में बाधा उत्पन्न की, जो सीधे तौर पर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है।
JDA की मांगें:
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA), रायपुर द्वारा निम्न मांगें उठाई गई हैं –
🔹 घटना के संबंध में तत्काल इंस्टीट्यूशनल FIR दर्ज की जाए।
🔹 Medical Protection Act एवं IPC की धारा 186, 332, 353, 504, 506, 147, 148, 149 के अंतर्गत दोषियों पर कठोर कार्यवाही की जाए।
🔹 प्रत्यक्षदर्शी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के बयान दर्ज कर उपद्रवियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
JDA ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसे मामलों में शीघ्र और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो चिकित्सकों की सुरक्षा एवं सेवा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी, जिससे स्वास्थ्य तंत्र पर गहरा संकट उत्पन्न होगा।
JDA इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए संबंधित प्रशासन से न्यायसंगत एवं प्रभावी हस्तक्षेप की अपेक्षा करता है।
डॉ रेशम सिंह जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष ने तत्काल इसमें कार्यवाही की मांग की तथा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया और माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी से मांग किया कि जल्द से जल्दी आरोपियों की गिरफ्तारी हो उचित सुरक्षा मुहैया कराया जाए यही सच्ची श्रद्धा होगी चिकित्सक दिवस के उपलक्ष्य में की डॉक्टर्स का सम्मान जिंदा रहे और डॉ के सुरक्षा सलामत रहे |


