BREAKING : बंजारी नगर का नाम बदलने के आरोप पर बजरंग दल ने जताया विरोध, थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन…
news82express

रायपुर ( न्यूज 82एक्सप्रेस) :विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल, बंजारी प्रखंड ने बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में लगाए जा रहे मकान टैक्स स्कैनर बोर्डों पर धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थानों के नामों में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए खमतराई थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।संगठन का आरोप है कि मां बंजारी माता के नाम पर स्थापित बंजारी नगर का नाम स्कैनर बोर्ड पर कथित रूप से “जौहर नगर” अंकित किया गया, जिससे क्षेत्रवासियों एवं हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस पर विरोध दर्ज कराया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भी मामला उठाया। संगठन के अनुसार विरोध के बाद नगर निगम ने संबंधित बोर्ड को हटा दिया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले गायत्री नगर का नाम कथित रूप से “गाजी नगर” तथा शहीद नगर को “शाहिद नगर” लिखे जाने जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। संगठन का कहना है कि यह केवल तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों के साथ गंभीर छेड़छाड़ का मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने इस मामले में संबंधित एजेंसी मेसर्स सी. ई. इन्फो सिस्टम लिमिटेड, दिल्ली, सहित संबंधित निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का दावा है कि नगर निगम आयुक्त ने मामले में त्रुटि स्वीकार करते हुए तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो बीरगांव नगर निगम के खिलाफ उग्र आंदोलन एवं प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल बंजारी प्रखंड के उपाध्यक्ष विनय जायसवाल**, प्रखंड मंत्री वीरेन्द्र विश्वकर्मा, गोंदवारा खंड संयोजक पुरुषोत्तम, भनपुरी खंड संयोजक कामता जी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने खमतराई थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।



